जासूसी की बढ़ती घटनाओं के बीच डीआरडीओ ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। डीआरडीओ ने ऐसी तकनीक का सफल परीक्षण किया है, जिससे सैन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के दौरान किसी की सेंधमारी की कोशिश का पता लगाया जा सकेगा।
सैन्य सूचनाओं की जासूसी को रोकने की दिशा में भारत को बड़ी कामयाबी मिली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ऐसी तकनीक का सफल परीक्षण किया है, जिससे सैन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के दौरान किसी की सेंधमारी की कोशिश का पता लगाया जा सकेगा। इस तकनीक को क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (क्यूकेडी) कहा जाता है।
आसान भाषा में समझें तो किसी संदेश को सुरक्षित रखने के लिए उसे एक खास डिजिटल चाबी से लॉक किया जाता है। संदेश पाने वाला व्यक्ति सही चाबी से उसे खोल सकता है। क्यूकेडी तकनीक क्वांटम भौतिकी के सिद्धांतों का इस्तेमाल कर ऐसी चाबियों को सुरक्षित तरीके से साझा करने में मदद करती है। यदि कोई बीच में संदेश की चाबी चुराने या नजर रखने की कोशिश करता है, तो इसका पता लगाया जा सकता है।
