बाल झड़ने और गंजेपन की चिंता के बीच देश में करीब 17 हजार करोड़ रुपये का हेयर-केयर बाजार खड़ा हो गया है। इसी बाजार में 48 घंटे में बाल झड़ना रोकने, 90 दिन में नए बाल उगाने और गारंटी के साथ नतीजे देने वाले उत्पादों की भरमार है।
हेयर ट्रीटमेंट और ट्रांसप्लांट के दावों से परेशान उपभोक्ताओं के मामले आयोगों तक पहुंचे हैं। अहमदाबाद के एक उपभोक्ता ने उपचार पर 53 हजार रुपये खर्च किए। अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर आयोग ने रकम नौ फीसदी ब्याज के साथ लौटाने और 40 हजार रुपये मुआवजे का आदेश दिया। बंगलूरू के एक मामले में 55 हजार रुपये लेकर ट्रांसप्लांट के बजाय विग देने की शिकायत भी सामने आई।
48 घंटे और 90 दिन वाले दावे भी फेल…एएससीआई की कार्रवाई में एक लोशन के फेसबुक विज्ञापन में 48 घंटे में रूसी और बाल झड़ना नियंत्रित करने का दावा किया गया। जांच में इसे पर्याप्त आधार नहीं मिला। एक अन्य हेयर फॉल कंट्रोल किट को क्लीनिकली प्रूवन बताते हुए 90 दिन में बाल उगाने का दावा किया गया, लेकिन कंपनी इसके समर्थन में पर्याप्त प्रमाण नहीं दे सकी।
