भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा हालिया किए गए एक अध्ययन में यह महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आया है। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका मॉलिक्यूलर न्यूट्रिशन एंड फूड रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।
मांसपेशियों की मजबूती और दिल को सेहतमंद बनाए रखने के मामले में विटामिन डी-3 विटामिन डी-2 की तुलना में कहीं अधिक असरदार है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पोषण संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा हालिया किए गए एक अध्ययन में यह महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आया है। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका मॉलिक्यूलर न्यूट्रिशन एंड फूड रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।
शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए नर रैट्स (चूहों) पर विभिन्न आहार समूहों के जरिये परीक्षण किया। जिन समूहों में विटामिन डी की गंभीर कमी के बाद उन्हें दोबारा विटामिन डी-3 की खुराक दी गई, उनमें मांसपेशियों के फाइबर का आकार, प्रोटीन की मात्रा और शारीरिक ताकत तेजी से बहाल हुई। इसके विपरीत, केवल विटामिन डी-2 लेने वाले समूह में मांसपेशियों और हृदय की कोशिकाओं की रिकवरी अपेक्षाकृत काफी धीमी और कम प्रभावी देखी गई। साथ ही, दिल के संकुचन और ऊर्जा चयापचय (मेटाबॉलिज्म) से जुड़े जीन्स की सक्रियता में भी डी-3 ने बाजी मारी।
