ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है। आठ साल बाद हुई इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के खराब रिश्तों को सुधारना और व्यापार को बढ़ाना है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बीजिंग यात्रा के बाद अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी चीन पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्होंने गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक की। पिछले आठ वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। इस यात्रा से दोनों देश लंबे समय से चली आ रही कड़वाहट को खत्म कर आपसी संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
कई अहम मुद्दे पर हुई बात
कीर स्टार्मर ने बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शी जिनपिंग से बातचीत की। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मुलाकात के बाद दोनों देश कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री बनने के बाद स्टारमर का यह पहला चीन दौरा है। उनका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश कंपनियों के लिए व्यापार के नए अवसर तलाशना है, क्योंकि इस समय ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था काफी धीमी चल रही है। इस यात्रा में उनके साथ 50 से ज्यादा बड़े कारोबारी और सांस्कृतिक संगठनों के नेता भी शामिल हैं।
तनाव का कम करने की हो रही कोशिश
शी जिनपिंग से मिलने से पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने चीन की नेशनल पीपल्स कांग्रेस के चेयरमैन झाओ लेजी से भी मुलाकात की। पिछले कुछ वर्षों में ब्रिटेन और चीन के रिश्तों में काफी तनाव रहा है। ब्रिटेन में चीनी जासूसी की खबरें, यूक्रेन युद्ध में रूस को चीन का समर्थन और हॉन्गकॉन्ग में आजादी पर की गई कार्रवाई इसके मुख्य कारण रहे हैं।
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद वैश्विक व्यापार में आई रुकावटों के चलते कई देश अपने व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए विश्व के कई अन्य देशों की ओर देख रहे हैं। इसमें चीन भी शामिल है। कीर स्टार्मर इस महीने चीन का दौरा करने वाले अमेरिका के चौथे सहयोगी नेता हैं। उनसे पहले दक्षिण कोरिया, कनाडा और फिनलैंड के नेता भी बीजिंग जा चुके हैं। अगले महीने जर्मनी के चांसलर के भी चीन जाने की उम्मीद है।
