देहरादून जनपद के रानीपोखरी क्षेत्र में प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) की स्थापना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को क्षेत्रवासियों ने लिस्काबाद गांव से ऋषिकेश तहसील तक पदयात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय की शीघ्र स्थापना की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की तथा सरकार से वर्षों से लंबित इस परियोजना को तुरंत शुरू करने की मांग की। पदयात्रा के बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट समयसीमा के साथ निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की।
वर्षों से लंबित है परियोजना
ग्रामीणों का कहना है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना का कानून वर्ष 2011 में पारित किया गया था, जिसके बाद 2018 में इसमें संशोधन भी किया गया। इसके बाद मार्च 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा रानीपोखरी (लिस्काबाद) में विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया था और इसके लिए लगभग 10 एकड़ भूमि भी चिन्हित की गई थी। लेकिन सात वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और संगठनों का समर्थन
इस आंदोलन को क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप चौहान और लिस्काबाद के ग्राम प्रधान अनिल कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले प्रशासन को ज्ञापन देकर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन कोई प्रगति न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
पदयात्रा और धरना-प्रदर्शन में कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक विश्वविद्यालय की मांग नहीं बल्कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य और शिक्षा के अधिकार का प्रश्न है।
युवाओं और क्षेत्र के विकास से जुड़ी उम्मीद
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना होती है तो इससे
प्रदेश के छात्रों को उच्च स्तरीय विधि शिक्षा का अवसर मिलेगा
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
क्षेत्र में शिक्षा, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
इसके साथ ही उत्तराखंड के छात्रों को अन्य राज्यों के NLU में जाने की मजबूरी कम होगी और उन्हें राज्य आरक्षण का लाभ भी मिल सकेगा।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक सरकार विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य की स्पष्ट घोषणा और समयसीमा तय नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
निष्कर्ष:
रानीपोखरी में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग अब स्थानीय मुद्दे से आगे बढ़कर जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। क्षेत्रवासियों की उम्मीद है कि सरकार जल्द निर्णय लेकर इस लंबे समय से लंबित परियोजना को धरातल पर उतारेगी।
