22 मई को नैनीताल का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो बीते पांच वर्षों में सबसे अधिक है।
नैनीताल में कभी ठंडी वादियों और सुकूनभरे मौसम के लिए मशहूर सरोवर नगरी अब रिकॉर्ड गर्मी की चपेट में है। 22 मई 2026 को नैनीताल का तापमान बीते पांच वर्षों में सबसे अधिक 31.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मैदानी इलाकों की हीटवेव, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन अब पहाड़ों की फिजाओं का मिजाज भी बदलने लगे हैं। मौसम विशेषज्ञ इसे हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए गंभीर चेतावनी मान रहे हैं।
सरोवर नगरी में बीते कुछ दिनों से गर्मी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। अत्यधिक गर्मी के कारण स्थानीय व पर्यटकों को भी दिक्कतें हो रही हैं। खुशनुमा मौसम के लिए मशहूर नैनीताल में इस तरह का मौसम अप्रत्याशित मालूम पड़ता है। अब लोग यहां अपने घरों और प्रतिष्ठानों में एसी लगवाने लगे हैं। मौसम में इस तरह का परिवर्तन सभी को चौंका रहा है। नैनीताल के लिए यह चिंता का विषय बन रहा है। अगर गर्मी का असर इसी तरह बढ़ता रहा तो पर्यटकों की आवाजाही में असर पड़ेगा और कारोबार भी प्रभावित होगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि कई कारणों से हो सकती है जिनमें जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और शहरीकरण प्रमुख हैं। इन कारकों ने मिलकर पहाड़ों के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
बीते पांच वर्ष में 22 मई को नैनीताल शहर का तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
22 मई 2026 31.5 डिग्री 22 डिग्री
22 मई 2025 29 डिग्री 19 डिग्री
22 मई 2024 26 डिग्री 14 डिग्री
22 मई 2023 25 डिग्री 13 डिग्री
22 मई 2022 27 डिग्री 19 डिग्री
मैदानी हीटवेव और शहरीकरण से ऊष्म गतिकी में बदलाव आ रहा है जिससे हिमालय का कोल्ड जोन अब अधिक ऊंचाई की ओर खिसक रहा है। यह वायुमंडलीय असंतुलन निचले हिमालयी क्षेत्रों के तापमान को बढ़ा रहा है जो भविष्य में वर्षा के अनिश्चित पैटर्न और ग्लेशियरों के अस्तित्व के लिए एक गंभीर वैज्ञानिक खतरा है – डॉ. नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एरीज
हल्द्वानी में तीसरे दिन भी तापमान 40 के पार, चले गर्म हवा के थपेड़े
हल्द्वानी में लगातार तीसरे दिन हल्द्वानी में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। दिन में तेज गर्मी और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे। गर्मी से बचने के लिए लोग छांव की तलाश में दिखे। दोपहिया वाहन चालक सिर ढककर और चेहरे पर कपड़ा बांधकर निकले। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तेज गर्जना व आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
