Uttarakhand: एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता 20 साल बाद होगी संशोधित, विभाग ने दिए अंतिम सूची तैयार करने के निर्देश

उत्तराखंड के माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटके वरिष्ठता विवाद के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई सूची लागू होने के बाद कई शिक्षकों की स्थिति बदल जाएगी।

प्रदेश में सहायक अध्यापक एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता 20 साल बाद संशोधित होगी। शिक्षा निदेशालय ने लोक सेवा प्राधिकरण के एक फैसले के बाद वर्ष 1992 से 1996 की एलटी की अनंतिम वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप से तैयार करने के निर्देश दिए हैं। फैसले से आयोग से चयनित कई शिक्षक वरिष्ठ हो जाएंगे। वहीं, करीब चार हजार शिक्षकों की वरिष्ठता इससे प्रभावित होगी। जो वरिष्ठता सूची में कनिष्ठ हो जाएंगे।

सहायक अध्यापक एलटी की वरिष्ठता सूची को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जारी निर्देश में कहा, उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा सेवा वर्ष 1992 से 1996 तक मौलिक रूप से नियुक्त, पदोन्नत अनंतिम ज्येष्ठता सूची लोक सेवा प्राधिकरण से निष्पादन याचिका रुपचंद लखेड़ा व तीन अन्य निर्देश याचिकाओं में पारित निर्णय पांच जनवरी 2023 के अनुपालन में तैयार कर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराई गई है।

वर्तमान में प्रेमलता बौडाई व अन्य आठ याचिकाओं में अंतिम रूप से निर्णय पारित करते हुए याचिकाओं को खारिज किया जा चुका है। अब वर्ष 1992 से 1996 की एलटी की अनंतिम वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप से तैयार किया जाना है। अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल व कुमाऊं मंडल अंतिम ज्येष्ठता सूची तैयार कर निदेशालय को उपलब्ध कराए।

हजारों शिक्षकों की वरिष्ठता होगी प्रभावित

मामला सीटी और आयोग से चयनित सीधी भर्ती के एलटी शिक्षकों का है। याचिकाकर्ता रूपचंद लखेड़ा के मुताबिक विभाग ने 2005 में सीटी शिक्षकों को दस साल के स्थान पर पांच साल की सेवा पर एलटी में संविलियन कर उन्हें वरिष्ठता दे दी। इससे आयोग से चयनित शिक्षक वरिष्ठता में करीब सात हजार क्रमांक कनिष्ठ कर दिए गए। लखेड़ा के मुताबिक उन्होंने इस मामले को कोर्ट में चुनौतती दी। जिस पर अब वर्षों बाद आयोग से चयनित शिक्षकों को न्याय मिला है।

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