देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित गोरखाली सुधार सभा परिसर में सोमवार को नेपाल और भारत में हाल में आई प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मशांति के लिए विशेष प्रार्थना एवं वैदिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह आयोजन भारतीय नेपाली ब्राह्मण समिति और उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ के संयुक्त सहयोग से किया गया। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई तबाही के 13वें दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शांति पाठ तथा श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान नेपाल के साथ-साथ भारत के हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के अन्य क्षेत्रों में मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हुए लोगों को भी याद किया गया। उपस्थित लोगों ने कुछ समय मौन रखकर मृतकों के प्रति सम्मान प्रकट किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
आयोजकों ने बताया कि नेपाल में आई आपदा से बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, जबकि हजारों लोग अब भी प्रभावित हैं। इस कठिन समय में भारत और नेपाल के बीच सामाजिक एवं मानवीय एकजुटता का संदेश देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में गोरखा कल्याण परिषद, नेपाली भाषा समिति, वैदिक ब्राह्मण समाज तथा उत्तराखंड ब्राह्मण समाज से जुड़े पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। वक्ताओं ने आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग की भावना पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में भारतीय नेपाली ब्राह्मण समिति के अध्यक्ष पं. रामप्रसाद उपाध्याय ने सभी सहयोगियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया तथा शांति प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
देहरादून में नेपाल व भारत के आपदा पीड़ितों की स्मृति में शांति यज्ञ
