नेपाल कई लोग ऐसे हैं जो कि वर्षों से उत्तराखंड में निवास कर रहे हैं और उनके बच्चों का जन्म यहीं हुआ है। सवाल उठ रहा है कि चुनाव आयोग के एसआईआर में इनके लिए क्या व्यवस्था होगी।
उत्तराखंड में निवास कर रहे नेपाल निवासियों को भारत की नागरिकता होने की सूरत में ही एसआईआर में शामिल होने का मौका मिलेगा। तब उन्हें चुनाव आयोग के समक्ष अपना नागरिकता का प्रमाण और जन्मतिथि का प्रमाण देना होगा।प्रदेश के चंपावत, पिथौरागढ़ से लेकर देहरादून तक नेपाल का उत्तराखंड से रोटी-बेटी का रिश्ता है।तमाम बेटियां ऐसी हैं जो नेपाल से ब्याहकर उत्तराखंड में आईं। तमाम लोग ऐसे हैं जो कि वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके बच्चों का जन्म यहीं हुआ है। सवाल उठ रहा है कि चुनाव आयोग के एसआईआर में इनके लिए क्या व्यवस्था होगी।
जिनके पास नागरिकता नहीं, उनका वोट नहीं बनेगा। उन्होंने बताया कि नेपाल मूल के जो लोग यहां के नागरिक बन चुके हैं और 2003 में यहां वोटर नहीं थे तो उन्हें एसआईआर के दौरान नागरिकता और जन्मतिथि का प्रमाण देना होगा।
