बांग्लादेश में चुनाव के बाद हुई हिंसा में पांच जिलों में भारी नुकसान हुआ है। बीएनपी और जमात कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों में कई लोग घायल हुए और घरों में आगजनी की गई। इस दौरान एक पत्रकार पर भी हमला हुआ।
बांग्लादेश में चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही देश के कई हिस्सों में हिंसा का माहौल बना हुआ है। पांच अलग-अलग जिलों में चुनाव के बाद हुई हिंसक घटनाओं में कम से कम नौ लोग घायल हो गए और एक घर में आग लगा दी गई।
दो गुटों में हुई भिड़ंत
नटोर जिले के लालपुर उपजिला में शनिवार रात को तनाव काफी बढ़ गया। यहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के ही दो गुट आपस में भिड़ गए। इस आपसी लड़ाई में छह लोग घायल हुए हैं। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने लालपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी मोहम्मद मोजिबर रहमान ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा है। पुलिस ने मौके से एक बंदूक भी बरामद की है और घटना को लेकर केस दर्ज कर लिया है।
ये जिले भी रहे अशांत
एक अलग घटना में, शेरपुर जिले के सदर उपजिला में भी हिंसा की खबर आई। यहां जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों ने एक बीएनपी कार्यकर्ता पर हमला कर दिया। घायल कार्यकर्ता का नाम गियासुद्दीन रसेल है और उनकी उम्र 35 साल है। रसेल शेरपुर-1 सीट से बीएनपी की उम्मीदवार संसिला जेब्रिन प्रियंका के चुनाव एजेंट के रूप में काम कर रहे थे।
इसी तरह की एक और घटना फेनी जिले के दगनभुयान उपजिला में हुई। यहां के दक्खिन भबानीपुर गांव में बीएनपी के लोगों ने जमात कार्यकर्ता नूरुल अबसार बेलाल को निशाना बनाया। हमलावरों ने बेलाल के घर में उन पर हमला किया। उन्हें गंभीर हालत में पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और फिर फेनी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पत्रकार पर भी हुआ हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, जमालपुर जिले में एक पत्रकार को भी हिंसा का शिकार होना पड़ा। स्थानीय पत्रकार शमसुल हुदा रतन शनिवार को दीवानगंज उपजिला में चुनावी हिंसा की रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान बीएनपी की युवा शाखा ‘जुबो दल’ के एक नेता ने उन पर हमला कर दिया। रतन ने बताया कि वह जानकारी जुटाने के लिए मोंडोल बाजार गए थे। वहां जुबो दल के सीनियर जॉइंट कन्वीनर फारुक अहमद ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें पीटा। रतन ने कहा कि वह अभी भी अस्वस्थ हैं और जल्द ही पुलिस में इसकी शिकायत करेंगे।
उपद्रवियों ने घर को किया आग के हवाले
खुलना जिले के फुलतला उपजिला में भी आगजनी की घटना हुई। मशियाली गांव में एक गिरोह ने जमात समर्थक शोकोर अकुंजी के घर में आग लगा दी। शोकोर के बेटे अब्दुर रज्जाक ने बताया कि वे हमलावरों को पहचान नहीं सके क्योंकि उन्होंने अचानक हमला किया था।
रिपोर्ट में आए डराने वाले आंकड़े
ढाका की संस्था ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी ((एचआरएसएस) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में डराने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 13वें संसदीय चुनाव के दौरान अक्टूबर 2025 से 14 फरवरी के बीच भारी हिंसा हुई। इस अवधि में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई और 2,503 लोग घायल हुए। हिंसा के दौरान 34 लोगों को गोली लगी। इसके अलावा, उपद्रवियों ने 500 से ज्यादा घरों, गाड़ियों, दुकानों और चुनाव कार्यालयों में तोड़फोड़ की या उन्हें आग लगा दी।
