पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के उस पत्र का संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया था कि 250 जिला न्यायाधीशों को दावों और आपत्तियों की सुनवाई में करीब 80 दिन लग सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सिविल जजों की तैनाती की अनुमति दी है, ताकि करीब 80 लाख लोगों के दावे और आपत्तियां निपटाई जा सकें। साथ ही झारखंड और ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से न्यायिक अधिकारियों की मदद लेने की भी इजाजत दी गई। कोर्ट ने चुनाव आयोग को इन अधिकारियों के खर्च वहन करने को कहा और 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की अनुमति दी, साथ ही पूरक सूची जारी करने की छूट भी दी।
