पंडित नेहरू की पुण्यतिथि: देश के पहले प्रधानमंत्री को पीएम ने किया याद, वीडियो साझा कर बोली कांग्रेस- डरो मत

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री पीएम, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही कांग्रेस ने डरो मत कैप्शन के साथ नेहरू के भाषण का वीडियो साझा किया। आइए विस्तार से जानते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि।

कांग्रेस पार्टी ने किया वीडियो साझा

कांग्रेस पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डरो मत कैप्शन नेहरू को लेकर एक 28 सेकेंड का वीडियो साझा किया। वीडियो में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 15 अगस्त 1960 को लाल किले की प्राचीर से दिए गए स्वतंत्रता दिवस के भाषण का एक अंश दिया गया है। इसमें नेहरू बोलते हैं याद रखिएगा, दुनिया में बहुत सारे ऐब होते हैं, बहुत सारी खराबियां होती हैं लेकिन एक ऐब, एक खराबी, एक गुनाह , एक पाप, एक कमजोर जो कुछ उसे कहिए सब में बड़ी जो है वो डर है।

राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

राहुल गांधी ने नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

उन्होंने कहा कि नेहरू ने आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी और एक समावेशी, सौहार्दपूर्ण व प्रगतिशील भारत के निर्माण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। राहुल ने अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक सिद्धांतों, संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित नेहरू का दूरदर्शी नेतृत्व हमेशा देश का मार्गदर्शन करता रहेगा।

खरगे ने नेहरू को बताया हिंद के जवाहर 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू की स्थायी विरासत आज भी भारत की आत्मा का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि नेहरू ने अपना जीवन स्वतंत्रता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और वैज्ञानिक सोच के आदर्शों को समर्पित किया।

खरगे ने कहा कि नेहरू का दूरदर्शी नेतृत्व आज भी देश की सामूहिक चेतना को प्रेरित करता है और समावेशी व प्रगतिशील राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत बनाता है। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री को “हिंद के जवाहर” बताते हुए कहा कि सत्य, एकता और शांति के मूल्यों को जीवनभर कायम रखने वाले नेहरू देश के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे।

पंडित जवाहरलाल नेहरू का जीवन

पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। शुरुआती शिक्षा घर पर लेने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए। उन्होंने हैरो और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई की तथा बाद में लंदन से बैरिस्टर की डिग्री हासिल की। भारत लौटने के बाद नेहरू स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए और जल्द ही कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।

महात्मा गांधी से मुलाकात के बाद नेहरू स्वतंत्रता संग्राम में पूरी तरह सक्रिय हो गए। उन्होंने असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। आजादी की लड़ाई के दौरान उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। 1929 के लाहौर अधिवेशन में उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज को अपना लक्ष्य घोषित किया।

स्वतंत्रता के बाद जवाहरलाल नेहरू  देश के पहले प्रधानमंत्री बने और उन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, औद्योगिक विकास और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। बच्चों के प्रति उनके विशेष लगाव के कारण हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। 27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था।

 

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