भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष, भगवान बलभद्र का तालध्वज और देवी सुभद्रा का दर्पदलना इन तीनों पवित्र रथों को आज रथाखला से श्री मंदिर के सामने लाया जाएगा। यहां श्री मंदिर में अनुष्ठानों के समापन के बाद अज्ञान माला बीजे होगा। वहीं, गुरुवार को श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के प्रारंभ से पहले रथों को श्री जगन्नाथ मंदिर के सामने लाया जाएगा।
आईजीपी ने क्या बोला?
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा तैयारियों पर कटक स्थित सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) डॉ. सत्यजीत नाइक ने कहा, ‘राज्य और देश के अन्य हिस्सों से लाखों श्रद्धालु महाप्रभु बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा देखने के लिए आएंगे। हमने 220 प्लाटून बलों की तैनाती सहित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है।
उन्होंने आगे कहा कि तटीय सुरक्षा और नौसेना संचालन के लिए समन्वय स्थापित किया गया है, जिसमें गश्त के लिए जहाजों की तैनाती भी शामिल है। हमने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में रेलवे के साथ भी समन्वय किया है। मंदिर के अंदर भीड़ प्रबंधन क्षेत्रवार निगरानी पुलिस अधिकारियों की तैनाती के माध्यम से किया जाएगा। महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।’
वहीं, रथ यात्रा की तैयारियों पर ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग कहती हैं, ‘हर ओडिया के लिए रथ यात्रा सबसे महत्वपूर्ण अवसर है। सरकार ने भगवान और देश भर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं।
प्रशासन ने क्या तैयारियां की?
मुख्यमंत्री स्वयं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं, विधि मंत्री और इसी तरह सभी विभाग और उनके मंत्री जाकर देख रहे हैं कि क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। पिछली बार जहां भी यातायात की समस्या पाई गई थी, हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि सभी स्थानों को सुचारू कर दिया जाए।
- पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाई गई है।
- 1200 शौचालय बनाए है।
- बारिश होने पर पंपों की व्यवस्था की गई है।
- अत्यधिक गर्मी होने की स्थिति में हमने अस्पतालों और हीटिंग रूम की व्यवस्था की है।
- पिछले छह-सात महीनों से तैयारियां चल रही है।
- श्रद्धालुओं को निर्देश देने या मार्गदर्शन करने के लिए बोर्ड लगाए गए हैं।