राजधानी का एक निजी बोर्डिंग स्कूल विवादों में आ गया है। स्कूल के प्रबंधक पर एक छात्र के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है।
एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र के साथ स्कूल प्रबंधक की हैवानियत से हर कोई हतप्रभ है। कई दिनों से छात्र के व्यवहार में आए बदलाव और उसकी खामोशी ने परिजनों को चिंता में डाल दिया। जब परिवार ने लगातार प्यार से उससे बातचीत की तो छात्र ने सिसकियां भरते हुए आपबीती बताई।
शहर के बीच और आसपास के बोर्डिंग स्कूलों में पहले भी हैवानियत का खेल खेला गया है। कई छात्र और छात्राओं के दुष्कर्म के मामले सामने आ चुके हैं। यही नहीं इन स्कूलों में बच्चों से हुई इन घटनाओं को दबाने का भी खूब प्रयास हुआ लेकिन पुलिस ने जब सख्ती से काम लिया तो षडयंत्रकारियों को सलाखों के पीछे जाना पड़ा। सामान्य स्कूलों के अलावा यहां विशेष बच्चों के लिए खुले बोर्डिंग स्कूलों में भी बच्चे इस तरह की घटनाओं में पीड़ित हैं। कुछ मामलों में फास्ट ट्रैक अदालतों में मुदकमे चले और आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास तक की सजाएं हुईं।
सितंबर 2018: सहसपुर थाना क्षेत्र के एक बोर्डिंग स्कूल में
दिल्ली की नाबालिग छात्रा के साथ चार साथी छात्रों ने दुष्कर्म किया। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि इस मामले को दबाने का खूब प्रयास हुआ। छात्रा गर्भवती हुई तो उसे शहर के एक डॉक्टर के पास ले जाकर दवा पिलाई गई। स्कूल की वॉर्डन ने भी उसे काढ़ा पिलाया। पुलिस ने चार छात्र जिनमें तीन नाबालिग थे को पकड़ा और स्कूल प्रबंधन के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी छात्र को आजीवन कारावास की सजा स्थानीय अदालत ने सुनाई। जबकि, प्रबंधन के अधिकारियों को भी सात से 10 साल की सजा सुनाई गई।
जुलाई 2021 : देहरादून शहर से सटे एक बोर्डिंग स्कूल में एक शिक्षक ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी जब छात्रा ने परिजनों को दी तो पीड़िता की मां ने 17 जुलाई 2021 को पुलिस को शिकायत की। आरोप था कि शिक्षक ने दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने जब यह बात वार्डन को बताई तो उसने भी कोई आवाज नहीं उठाई और मामले को दबाने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शिक्षक को गत 28 फरवरी को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई। जबकि, वार्डन साक्ष्यों के अभाव में बरी हो गई।
जनवरी 2019: यह घटना भी 2018 की है। राजपुर रोड स्थित दृष्टिबाधित छात्रों के लिए बने स्कूल में संगीत शिक्षक सुचित नारंग ने कई छात्र-छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया। इसका खुलासा तब हुआ जब संस्थान के कुछ बच्चों ने पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। जनवरी 2019 में सुचित नारंग को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को कोर्ट ने दोषी पाते हुए वर्ष 2024 में 20 साल कठोर कैद की सजा दी।
