सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई को लेकर तैयार हो गया है, जिसमें ब्रह्मोस एयरोस्पेस के इंजीनियर को जासूसी के आरोप से बरी करने के बांबे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। निशांत अग्रवाल को शासकीय गोपनीयता अधिनियम के आरोपों से बरी किए जाने के खिलाफ यह याचिका यूपी के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की ओर से दाखिल की गई है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने पिछले वर्ष एक दिसंबर के फैसले के खिलाफ यूपी एटीएस की याचिका पर नोटिस जारी किया। कोर्ट ने 13 जुलाई के अपने आदेश में कहा, नोटिस जारी किया जाता है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी। मामला शुरुआत में उत्तर प्रदेश एटीएस ने दर्ज किया था और सुनवाई लखनऊ में हुई थी। हालांकि, बाद में मामले को नागपुर स्थानांतरित कर दिया गया, क्योंकि कथित अपराध का स्थान वहीं माना गया।
अग्रवाल को इस मामले में 2023 में जमानत मिल गई थी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। 3 जून, 2024 को नागपुर की एक जिला अदालत ने आईएसआई के लिए जासूसी के मामले में अग्रवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और जुर्माना भी लगाया था।
