बिना मंजूरी भारत में बिक रहे विदेशी फेस क्रीम और लिपस्टिक, अलर्ट जारी
केंद्र ने राज्यों और बंदरगाह अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के दिए निर्देश
अगर आप विदेश से आयातित फेस क्रीम, फेस वॉश, सीरम, सनस्क्रीन, लिपस्टिक, परफ्यूम, शैंपू या अन्य कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदते हैं, तो अब अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने पाया है कि कुछ विदेशी कॉस्मेटिक उत्पाद जरूरी आयात पंजीकरण के बिना ही भारतीय बाजार में बेचे जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने पूरे देश में ऐसे उत्पादों की बिक्री और आयात पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं।
सभी राज्यों के औषधि नियंत्रकों, बंदरगाह (पोर्ट) अधिकारियों को निर्देश मिला है कि बिना वैध आयात पंजीकरण वाले विदेशी कॉस्मेटिक उत्पादों की पहचान कर उनके आयात और बिक्री पर नजर रखें और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यह कार्रवाई सभी आयातित कॉस्मेटिक उत्पादों पर लागू होगी। इनमें फेस क्रीम, मॉइश्चराइजर, फेस वॉश, सीरम, सनस्क्रीन, लिपस्टिक, परफ्यूम, डियोड्रेट, शैंपू, हेयर कलर, हेयर सीरम, नेल पॉलिश शामिल हैं।
इंपोर्टेड लिखा होना वैधता की गारंटी नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल किसी उत्पाद पर इम्पोर्टेड लिखा होना उसकी वैधता की गारंटी नहीं है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे विदेशी कॉस्मेटिक उत्पाद केवल वैध विक्रेताओं से खरीदें और खरीदने से पहले पैकेजिंग पर निर्माता, आयातक और अन्य जरूरी विवरण जरूर जांच लें। कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020 के तहत किसी भी विदेशी कॉस्मेटिक उत्पाद को भारत में आयात या बिक्री के लिए पहले सीडीएससीओ से आयात पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है।