सरकार ने यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में आए व्यापक बदलावों, डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग और नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए लिया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से सोमवार को इस बाबत अधिसूचना जारी की गई।
प्रदेश सरकार ने शिक्षकों पर बढ़ रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों में शिक्षकों को टीचर डायरी तैयार करने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। इसके लिए प्रदेश माध्यमिक शिक्षा संहिता के पैरा 12.9 को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। सरकार ने यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में आए व्यापक बदलावों, डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग और नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए लिया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से सोमवार को इस बाबत अधिसूचना जारी की गई।
शिक्षा सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बीते वर्षों में स्कूल शिक्षा का पूरा इको सिस्टम बदल चुका है। अब शिक्षण-अधिगम गतिविधियां ऑनलाइन लेसन प्लान, अकादमिक पोर्टल, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज और मॉनीटर की जा रही हैं। ऐसे में भौतिक रूप में टीचर डायरी रखना अब आवश्यक नहीं रह गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार छात्रों की प्रगति और कक्षा शिक्षण की प्रक्रिया को सतत एवं समग्र मूल्यांकन, समय-समय पर होने वाले आकलन, निरीक्षण और डाटा आधारित अकादमिक समीक्षा के जरिये प्रभावी ढंग से देखा जा रहा है। मौजूदा समय में फोकस कागजी कार्यवाही से अधिक सीखने के परिणाम, कक्षा में सहभागिता और शिक्षण गुणवत्ता पर है।
