नव वर्ष 2026 का आगाज शेयर बाजार में सकारात्मक रूख के साथ हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर खुले। हालांकि, शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में 11 पैसे की गिरावट भी दर्ज की गई।
नव वर्ष 2026 के मौके पर आज सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान के साथ खुले। हालांकि, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों को कितनी लाभ-हानि हुई। शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों को बाजार खुलने पर कितना नफा-नुकसान दर्ज किया?
दुनिया में छुट्टियों का सकारात्मक असर
नव वर्ष की छुट्टियों के कारण अधिकांश वैश्विक बाजार बंद हैं। इसी बीच भारत में घरेलू निवेशकों के समर्थन से सेंसेक्स और निफ्टी में सकारात्मक शुरुआत दिखी। 2026 के पहले कारोबारी सत्र की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ हुई। निफ्टी 50 सूचकांक 43.70 अंकों की बढ़त के साथ 26,173.30 पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स 34.95 अंकों की तेजी के साथ 85,255.55 पर खुला। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में अवकाश के कारण आज के कारोबारी सत्र में सुस्ती रहने की संभावना है। बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के मुताबिक भारतीय बाजारों में वित्त वर्ष 2025 के आखिरी कारोबारी दिन यानी 31 दिसंबर को शॉर्ट कवरिंग देखी गई। नकदी बाजार में एफपीआई (प्रथम निवेश निवेशक) भारी बिकवाली करते रहे।
बड़े देशों की सरकारों के रूख से बाजारों में दिखेगा बदलाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान और चीन की सरकारें बड़े प्रोत्साहन उपायों पर विचार कर रही हैं। जर्मनी का प्रोत्साहन 2026 में व्यापक यूरोपीय अर्थव्यवस्था में तेजी का कारण बन सकता है। चीन-ताइवान, रूस-यूक्रेन और अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव और लगातार बदल रहे भू-राजनीतिक परिदृश्यों को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं।
