अस्पतालों में बुखार नापने के लिए इस्तेमाल होने वाले पारे के थर्मामीटर और ब्लड प्रेशर मापने वाले पुराने उपकरणों को हटाया जाएगा। केंद्र सरकार ने 2030 तक स्वास्थ्य सेवाओं से पारा वाले चिकित्सा उपकरणों को हटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए केंद्र सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और राज्यों के बीच मिलकर काम किया जा रहा है।
पारे वाले 39,528 उपकरणों को बदलने की जरूरत
मकसद अस्पतालों में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को पारे के संपर्क से बचाना और पुराने उपकरणों के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था बनाना है। डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी ब्योरे के मुताबिक, 14 राज्यों में किए गए आकलन के दौरान 27,827 स्वास्थ्य केंद्रों की जांच की गई। इनमें पारे वाले 39,528 उपकरणों को बदलने की जरूरत सामने आई। इनमें बुखार मापने वाले थर्मामीटर के साथ ब्लड प्रेशर मापने वाले उपकरण भी शामिल हैं।
12 राज्यों को निर्देश
अब तक 14 राज्यों ने पारा वाले उपकरणों को लेकर आकलन पूरा कर लिया है, जबकि 12 राज्यों ने इन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाने के आदेश जारी किए हैं। दिल्ली, पंजाब, मणिपुर, सिक्किम, गोवा, हरियाणा, लद्दाख, चंडीगढ़ और अंडमान-निकोबार में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं से पारा वाले चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल खत्म किया जा चुका है। दिल्ली ने 2007 में ही पारा वाले चिकित्सा उपकरणों को हटाने की घोषणा की थी।
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