लिकटेंस्टाइन के युवराज एलोइस अपनी पत्नी युवरानी सोफी के साथ भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। नई दिल्ली में उनके कार्यक्रमों में राजघाट पर पुष्पांजलि और प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता शामिल है।
लिकटेंस्टाइन के युवराज एलोइस मंगलवार को अपनी पत्नी युवरानी सोफी के साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन पहुंचे। यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। समारोह से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी राष्ट्रपति भवन में मौजूद रहे।
सोमवार को भारत पहुंचे थे युवराज
युवराज एलोइस अपनी पत्नी के साथ सोमवार को भारत की राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा से भारत और लिकटेंस्टाइन के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वडोदरा की यात्रा के बाद युवराज एलोइस नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उनका स्वागत किया।
इससे पहले युवराज सोमवार को मुंबई पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने अपनी राजकीय यात्रा के तहत वडोदरा का दौरा किया। उनके साथ उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और उद्योग जगत के प्रमुखों वाला कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
पीएम मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता
विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद युवराज एलोइस के कार्यक्रम में राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करना और हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करना शामिल है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी युवराज से मुलाकात करेंगे।
व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
युवराज की यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच कूटनीतिक, व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है। दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूती देने में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते की भी अहम भूमिका है। यह समझौता 2025 में लागू हुआ था।
भारत और लिकटेंस्टाइन ने 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। वर्ष 2023 में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मनाई थी। इससे पहले युवराज एलोइस फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। वह 2010 और 2018 में भी भारत का दौरा कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, युवराज का राजकीय दौरा बुधवार को समाप्त होगा और इसके बाद वह भारत से रवाना होंगे।