कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) UG 2026 से जुड़ी काउंसलिंग प्रक्रिया में इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (CNLU) ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर बताया है कि अदालत के निर्देशों के अनुपालन में CLAT UG 2026 की मेरिट सूची में संशोधन किया जाएगा, जिससे प्रवेश प्रक्रिया और काउंसलिंग कार्यक्रम प्रभावित होगा।
अदालत का निर्देश
3 फरवरी 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने प्रश्न पुस्तिका ‘C’ के प्रश्न संख्या 9 के संबंध में फैसला सुनाते हुए दोनों विकल्प — ‘B’ और ‘D’ — को सही मानते हुए संबंधित अभ्यर्थियों को अंक देने का निर्देश दिया। इसके चलते मेरिट सूची का पुनरीक्षण आवश्यक हो गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि काउंसलिंग के पहले चरण में सीट पा चुके छात्रों पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा।
काउंसलिंग पर प्रभाव
कंसोर्टियम ने घोषणा की है कि 5 फरवरी 2026 को प्रस्तावित तीसरी एडमिशन सूची अगली सूचना तक स्थगित रहेगी। अपील प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई काउंसलिंग समय-सारिणी जारी की जाएगी। संस्था ने यह भी भरोसा दिलाया है कि पहले और दूसरे चरण में आवंटित सीटें सुरक्षित रहेंगी।
कंसोर्टियम की कानूनी कार्रवाई
कंसोर्टियम की कार्यकारी समिति ने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में विशेष अपील दायर करने का निर्णय लिया है। संस्था का कहना है कि वह अंतिम उत्तर कुंजी के समर्थन में सभी कानूनी विकल्प अपनाएगी।
कानूनी विशेषज्ञ की राय
इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञ श्री एस. एन. उपाध्याय ने कहा कि अदालत का हस्तक्षेप परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। उनके अनुसार, “न्यायालय के निर्देशों का पालन करना सभी संस्थाओं की संवैधानिक जिम्मेदारी है। अपील की प्रक्रिया न्यायिक व्यवस्था का हिस्सा है, जिससे अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। तब तक छात्रों को धैर्य रखना चाहिए और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।”
छात्रों के लिए संदेश
कंसोर्टियम ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करें। संस्था ने दोहराया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और छात्र-हितैषी बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
