कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को सबसे ज्यादा मेडल मुक्केबाजों ने दिलाए। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल मिलकर 10 मेडल अपने नाम किए, जिसमें सात गोल्ड शामिल रहे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। देश ने 13 गोल्ड समेत कुल 39 मेडल अपने नाम किए। भारत ने जूडो में पहली बार दो गोल्ड मेडल जीते, तो मुक्केबाजों का प्रदर्शन भी यादगार रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों की जमकर सराहना की है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को सबसे ज्यादा मेडल मुक्केबाजों ने दिलाए। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल मिलकर 10 मेडल अपने नाम किए, जिसमें सात गोल्ड शामिल रहे। महिला मुक्केबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पांच गोल्ड मेडल जीते। जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला और इस खेल में देश ने कुल 4 मेडल पर कब्जा जमाया। यह पहला मौका रहा जब भारत ने जूडो में दो गोल्ड मेडल जीते। अस्मिता डे ने जूडो में देश को ऐतिहासिक गोल्ड दिलाया, जबकि हर्ष सिंह भी गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे। वहीं, यामिनी मौर्या ने सिल्वर और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए टूर्नामेंट में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाकर मीराबाई चानू ने इतिहास रचा। वह लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बनीं। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम का भार उठाकर इस बार गोल्ड मेडल जीता। वहीं, गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाले ट्रैक एंड फील्ड में भारत के पहले खिलाड़ी बने।
