भाजपा नेता विनोद कुमार हत्याकांड के बाद तनाव और भय के माहौल से गुजर रहे बैरागीवाला गांव में अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। घटना के बाद गांव छोड़कर चले गए मुस्लिम समुदाय के परिवार लौटने लगे हैं। कई दिनों से बंद पड़े घरों के ताले और दुकानों के शटर भी खुलने लगे हैं।
बैरागीवाला में शनिवार शाम भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद गांव में जमा हुई आक्रोशित भीड़ व उत्पन्न हुई परिस्थितियों को देखते हुए अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई थी। उधर भय के कारण गांव के कुछ मुस्लिम परिवार सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। परंतु अब स्थिति सामान्य हो रही है। गांव की सड़कों पर मंगलवार को लोगों की आवाजाही भी दिखाई दी और दुकानों के कई दिन से बंद शटर भी खुले।
घटना के बाद हिंदू संगठनों के विरोध व प्रदर्शन के कारण गांव में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी। हालांकि प्रदर्शनकारी सभी लोग घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों के परिवारों व उनके घर मकानों पर हमलावर थे लेकिन, इस प्रकार की स्थिति ने गांव में रहने वाले अन्य मुस्लिम समुदाय के लोगों में भी भय का वातावरण उत्पन्न कर दिया था।
घटना के बाद गांव से 25 मुस्लिम परिवारों ने अपने घर-मकान छोड़कर आसपास के गांवों में नाते-रिश्तेदारों के यहां शरण ले ली थी। अब जबकि हालात सामान्य हो रहे हैं तो ऐसे सभी लोग भी अपने गांव-घर वापस लौट रहे हैं।
तनाव के माहौल को देखते हुए हम परिवार सहित खुशहालपुर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए थे। गांव में अब स्थिति धीरे धीरे सामान्य हो रही हैं मैं घर लौटा हूं जल्द ही अपने बच्चों को भी वापस लेकर आ जाऊंगा।
गांव का माहौल हमेशा से ही अच्छा रहा है कुछ लोगों की वजह से गांव में तनाव की स्थिति पैदा हुई है। हम सभी गांव वाले चाहते हैं कि ऐसे लोगों का साथ नहीं दिया जाएगा और कानून उन्हें कठोर से कठोर सजा दे।
गांव में पिछले तीन दिनों से शासन प्रशासन के माध्यम से हर प्रकार से मदद की गई है, किसी को भी कोई परेशानी नहीं हुई। तीन दिन बाद दुकानें खुली हैं। और जिसने जैसा किया उसे उसका फल मिलना चाहिए।
मुस्लिम समुदाय के लोगों से पुलिस अधिकारियों ने की बात
गांव स्थित मस्जिदों में नमाज पढ़कर लौट रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों से प्रशासन के अधिकारियों के बात की। उन्होंने सभी लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा वह बिना किसी भय के अपने घर व नियमित कार्य कर सकते हैं। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की असामाजिक व गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होने के लिए प्रशासन ने उन्हें चेातवनी भी दी है।
