धर्मनगरी हरिद्वार आज महादेव की भक्ति में डूबी है। आज से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। हरिद्वार में अभेद्य सुरक्षा घेरे में शिवभक्त रहेंगे। चप्पे-चप्पे पर 6000 जवान तैनात हैं। गंगा जल को भगवान भोलेनाथ का प्रसाद मानकर श्रद्धालु अपने-अपने शिवालयों तक पहुंचाने के लिए कठिन यात्रा पर निकल पड़े।
हौल ने धर्मनगरी को पूरी तरह शिवमय बना दिया। गंगा जल भरने के बाद भक्त भगवान शिव का स्मरण करते हुए कठिन लेकिन अटूट विश्वास से भरी अपनी यात्रा पर निकल पड़े। अगले कई दिनों तक अब हरिद्वार से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों तक आस्था की यह अविरल धारा बहती रहेगी।
योग गुरु रामदेव ने कहा कि सावन का महीना बहुत पवित्र होता है। यह महादेव की पूजा-अर्चना का समय है, लेकिन, कुछ लोग इस त्योहार के दौरान हुड़दंग मचाते हैं। कुछ लोग नशा करते हैं। यह शिव का अपमान है। नशा करना या उपद्रव मचाना हमारे सनातन धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। इसलिए, मैं सभी कांवड़ियों से आग्रह करता हूँ कि वे शिव की भक्ति में लीन रहें। हमें कांवड़ यात्रा को मिल रहे सम्मान और आदर को भी समझना चाहिए।
