सरदार पटेल जयंती: पीएम पहुंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, लौहपुरुष को दी श्रद्धांजलि; कहा- उनका योगदान प्रेरणादायक

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर शनिवार को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली के पटेल चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सरदार पटेल को नमन किया।

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर देश भर में शनिवार यानी आज राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान वह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र में 426.71 करोड़ रुपये की लागत वाली पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी 31 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित पटेल चौक में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि दी।

पीएम बोले- देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं सरदार पटेल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”अखंड भारत के प्रणेता देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मां भारती की सेवा में उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत है।”

राष्ट्रपति समेत कार्यक्रम में कौन-कौन हुए शामिल?
वहीं, दिल्ली के पटेल चौक पर हुए कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी मौजूद रहीं और उन्होंने भी पुष्पांजलि अर्पित की।

अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया सरदार पटेल की यादों को मिटाने का आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ”कई वर्षों तक भारत ने सरदार साहब को उनके योगदान के लिए वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में हकदार थे। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सरदार साहब की स्मृतियों को मिटाने की कोशिश की है। हालांकि, सूरज की चमक को छिपाया नहीं जा सकता।”

उन्होंने कहा, ”जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने ”स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराकर सरदार साहब की विरासत को पूरे देश के सामने मजबूती से स्थापित किया। यह विशाल प्रतिमा आसमान की ऊंचाइयों को छूती है।”

क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्तूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, वकील और राजनेता थे। उन्हें भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में जाना जाता है।

भारत सरकार ने वर्ष 2014 में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्तूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। तब से हर साल 31 अक्तूबर को यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश देना है।

इस दिन देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ और एकता मार्च जैसे विशेष आयोजन किए जाते हैं। खास बात यह है कि इस बार एकता नगर में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन शाम को किया जा रहा है। इसकी जानकारी पीएम मोदी ने शुक्रवार को बनासकांठा के एक कार्यक्रम में दी और युवाओं से बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लेने की अपील भी की।

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